मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 में किए गए संशोधनों के संबंध में नया अपडेट

 

हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 में किए गए संशोधनों के संबंध में नया अपडेट

● हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 के उप-नियम (1) में, राजपत्र अधिसूचना संख्या 04/25/2022-2FR/22384 दिनांक 07.04.2023 द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार, निम्नलिखित प्रावधान किया गए थे:-
(अब इन नियमों में ~strikethrough~ प्रावधानों को हटा लिया गया है)
● Superannuation पर सेवानिवृत्ति:-
इन नियमों में अन्यथा प्रावधानित न होने पर, प्रत्येक सरकारी कर्मचारी उस माह के अंतिम दिन के अपराह्न में सेवा से सेवानिवृत्त होगा, जिसमें वह उसके लिए या उसके द्वारा धारित पद के लिए (स्थायी अथवा कार्यवाहक क्षमता में, जैसा भी मामला हो) निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु को प्राप्त करता है। तथापि, जिस सरकारी कर्मचारी की जन्म-तिथि माह की पहली तारीख हो, वह निर्धारित आयु प्राप्त करने पर, उससे पूर्ववर्ती माह के अंतिम दिन के अपराह्न में सेवा से सेवानिवृत्त होगा।
अधिवार्षिकी पर सेवानिवृत्ति की आयु सभी वर्गों के कर्मचारियों के लिए अट्ठावन (58) वर्ष होगी, सिवाय निम्नलिखित के, जिनके लिए यह साठ (60) वर्ष होगी:-
~(i) 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांग कर्मचारी;~
~(ii) दृष्टिहीन कर्मचारी;~
(iii) ग्रुप ‘D’ कर्मचारी; तथा
(iv) न्यायिक अधिकारी।

कोई भी सरकारी कर्मचारी, मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बिना, जनहित में तथा असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, अधिवार्षिकी की आयु प्राप्त करने के पश्चात सेवा में बनाए नहीं रखा जाएगा।
~● टिप्पणी 1: एक आँख से दृष्टिहीन कर्मचारी को इस नियम के प्रयोजन के लिए न तो दृष्टिहीन और न ही दिव्यांग व्यक्ति माना जाएगा।~
● टिप्पणी 2: जब कोई सरकारी कर्मचारी अधिवार्षिकी के कारण सेवा से सेवानिवृत्त होने वाला हो, तो जिस माह वह सेवानिवृत्त होने जा रहा है, उस माह की 7 तारीख को कार्यालय आदेश जारी किया जाएगा तथा ऐसे प्रत्येक आदेश की एक प्रति तत्काल प्रधान महालेखाकार, हरियाणा को प्रेषित की जाएगी। उस समय निलंबनाधीन सरकारी कर्मचारी को पुनः बहाल करने की आवश्यकता नहीं होगी।
~● टिप्पणी 3: कोई सरकारी कर्मचारी जो सेवा के दौरान दिव्यांग हो जाता है, वह 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने से कम से कम तीन माह पूर्व अपने विभागाध्यक्ष के संज्ञान में लाएगा। उसका चिकित्सीय परीक्षण स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान एवं विज्ञान संस्थान, रोहतक (जिसकी अध्यक्षता उसके निदेशक द्वारा की जाएगी) के मेडिकल बोर्ड से अथवा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER), चंडीगढ़ के निदेशक द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा। बोर्ड से चिकित्सीय रिपोर्ट प्राप्त होने पर, नियुक्ति प्राधिकारी अथवा विभागाध्यक्ष, जो भी उच्च हो, ऐसे शारीरिक रूप से दिव्यांग कर्मचारी को सेवा में विस्तार प्रदान किए जाने या न किए जाने के संबंध में अंतिम निर्णय करेगा।~

✅ निष्कर्ष: 03.02.2026 की अधिसूचना द्वारा नियम 143(1) के
क्लॉज (i), (ii), नोट-1 और नोट-3 पूरी तरह हटा दिए गए हैं।

निचोड़ (Summary):

पहले HCS (General) Rules, 2016 के अनुसार सामान्य सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष थी, लेकिन दिव्यांग (70%+), दृष्टिहीन, ग्रुप-D कर्मचारी और न्यायिक अधिकारी के लिए 60 वर्ष तय थी।
● दिव्यांग/दृष्टिहीन कर्मचारियों के लिए विशेष नोट्स और मेडिकल बोर्ड से जाँच के आधार पर सेवा-विस्तार का प्रावधान था।
03.02.2026 की अधिसूचना द्वारा नियम 143(1) के
क्लॉज (i), (ii), नोट-1 और नोट-3 पूरी तरह हटा दिए गए हैं।
इसका सीधा अर्थ यह है कि अब
दिव्यांग/दृष्टिहीन कर्मचारियों के लिए 60 वर्ष की विशेष छूट समाप्त,
● “एक आँख से देख पाने वाले” संबंधी स्पष्टीकरण भी स्वतः समाप्त और
●दिव्यांग होने पर मेडिकल बोर्ड के आधार पर विस्तार का प्रावधान भी समाप्त।

👉🏽परिणाम: अब सामान्यतः सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष ही लागू रहेगी

ध्यान रहे ग्रुप ‘D’ कर्मचारी  तथा न्यायिक अधिकारी के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष ही रहेगी।

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