पुराने खाली पद स्थानांतरण ड्राइव से किये बाहर
हरियाणा सरकार ने पहली बार लागू हो रही मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2025 से पहले अहम स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। लंबे समय से चर्चा में रहे 'नोशनल वैकेंसी' और 'नोशनल कैटेगरी' को लेकर अब स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है, जिससे ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में किसी तरह की असमंजस या विवाद की गुंजाइश न रहे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विभिन्न विभाग इन शब्दों की अलग-अलग व्याख्या कर रहे थे। इससे नीति के क्रियान्वयन में व्यावहारिक दिक्कतें और भविष्य में कानूनी विवाद की आशंका बन रही थी। इसे देखते हुए सरकार ने एक समान और स्पष्ट निर्णय लिया है।
नवीनतम आदेशो के अनुसार, ट्रांसफर पॉलिसी की अधिसूचना से पहले जो पद खाली थे, उन्हें पहले ऑनलाइन तबादला अभियान में न तो नोशनल वैकेंसी माना जाएगा और न ही नोशनल कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। यानी पुराने रिक्त पद इस चरण के दायरे से बाहर रहेंगे। हालांकि अधिसूचना की तिथि और पात्रता तिथि के बीच उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को एक बार के विशेष उपाय के तौर पर नोशनल वैकेंसी या कैटेगरी के रूप में शामिल किया जाएगा।
भविष्य की रिक्तियों पर अगली बार होगा विचार
पात्रता तिथि (अध्यापकों के मामले में 10 दिसम्बर 2025) के बाद बनने वाली रिक्तियां मौजूदा अभियान का हिस्सा नहीं होंगी और उन पर आगामी ट्रांसफर ड्राइव में ही विचार किया जाएगा। सरकार ने एनआईसी को सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही पहले चरण के किसी भी जारी अभियान को फिलहाल प्री-रेशनलाइजेशन चरण में रखने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि इस स्पष्टीकरण से ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, संतुलित और विवाद-मुक्त बनेगी।
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